हर कोई अपने घर का सपना देखता है....मैने भी देखा है....आप सब की तरह ...लेकिन ये सपना आजकल बहुत महगां है.. हर किसी के बस का नहीं है...लेकिन अगर हम थोड़ी सी सूझबूझ से सपना पूरा करना चाहे...तो हम कर सकते है..जी हां आप भी अपना घर बना सकते है....कैसे... बताते है....जमीन की कीमतों में आए ठहराव और तमाम बैंकों द्वारा होम लोन की ब्याज दरों में की जा रही कटौती के चलते यह सही वक्त है, जब आप होम लोन लेकर अपने घर का सपना साकार कर सकते हैं। क्या तरीका है होम लोन लेने का? कितनी अमाउंट का लोन आपको मिल सकता है? लोन लेने के लिए किन-किन कागजात की जरूरत होगी? एक्सर्पट्स से बात करके होम लोन से जुड़े ऐसे ही सवालों के जवाब तलाशे हैं ...प्रभात गौड़ ने-तो आइये सबसे पहले ये जान ले कि कितने तरह के ये होम लोन होते है...


कितनी तरह के होम लोन
घर खरीदने के लिए लोन : घर खरीदने के लिए लिया जाने वाला लोन। होम लोन का मतलब आमतौर पर इसी लोन से लगाया जाता है।
घर में इंप्रूवमंट के लिए लोन : अगर आप घर को रेनोवेट कराना चाहते हैं या कुछ मरम्मत आदि करानी है, तो यह लोन लिया जा सकता है।
कंस्ट्रक्शन लोन
: आपके पास प्लॉट (जमीन) पहले से हो तो उस पर मकान बनाने के लिए लिया जाने वाला लोन।
कन्वर्जन लोन : मान लीजिए आप जिस मकान में रह रहे हैं, उसके लिए आपने होम लोन लिया है। अब आप दूसरा घर खरीदना चाहते हैं, जिसके लिए आपको और पैसे की जरूरत है। कन्वर्जन लोन के माध्यम से पुराना लोन नए घर के लोन पर ट्रांसफर हो जाता है। इसमें जो एक्स्ट्रा पैसे की जरूरत होती है, वह भी शामिल होता है। ऐसा करने से कस्टमर पुराने लोन को चुकाने में दिए जाने वाले प्रीपेमंट चार्ज से बच जाता है।
लैंड परचेज लोन : मकान बनाने या सिर्फ इनवेस्टमंट की नजर से अगर आप जमीन खरीद रहे हैं तो लैंड परचेज लोन ले सकते हैं। तो ये तो रही लोन की बात अब ये किसे मिल सकता है....अब ये जान लेते है...
किसे मिल सकता है लोन
लोन की शुरुआत होते वक्त लोन लेने वाले की उम्र कम-से-कम 21 साल होनी चाहिए।
लोन मचुअर होते वक्त उम्र 65 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
लोन लेने वाला या तो सैलरीड हो या सेल्फ एंम्प्लॉयड (अपना कारोबार आदि) हो। अगर कोई प्रॉबेशन पर है तो वह होम लोन का हकदार नहीं है। अब आइये हम ये भी तो जान ले कि कितना होम लोन हमे मिल सकता है....अपने सपने को पूरा करने के लिए...
कितना मिल सकता है लोन
बैंक आमतौर पर कुल मासिक बचत का करीब 40 गुना लोन देते हैं। सैलरी के रूप में आप महीने में जितनी रकम घर ले जाते हैं, उसमें से घरेलू खर्च में काम आने वाली रकम और किसी दूसरे लोन के लिए चुकाई जा रही ईएमआई की रकम को भी घटा दिया जाता है। इस तरह जो रकम मिलती है, उसका 40 गुना लोन मिलता है। अगर आप बिजनेस में हैं तो आपकी आमदनी नेट प्रॉफिट से मानी जाएगी, न कि कुल टर्नओवर से। वैसे, अलग-अलग बैंकों का अलग-अलग फॉर्म्युला होता है और लोन की रकम प्रॉपर्टी की कीमत पर भी निर्भर करती है। ज्यादातर बैंक प्रॉपर्टी की कीमत का 80 से 85 फीसदी तक लोन दे देते हैं, लेकिन यह सब बैंक पर निर्भर करता है। प्रॉपर्टी की कीमत प्रॉपर्टी की असली कीमत और रजिस्ट्री पर आने वाला खर्च भी शामिल होता है। तो ये तो रही यहां तक की जानकारी... अब लोन लेने का प्रोसेस..क्या है... हम बतायेगें... अपनी अगले पोस्ट में ...तब तक के लिए आपको करना होगा....थोड़ा सा इंतजा़र....

6 Comments:

  1. विपिन बिहारी गोयल said...
    सूचना लुभावनी है
    सुबोध said...
    आपकी कोशिश लाजवाब है रोचक बलॉग की ओर आप तेजी से बढ़ रही हैं...धन्यवाद सपनों को ब्लॉग के जरिए जमीन पर उतारने के लिए
    अर्कजेश *Arkjesh* said...
    Upyogi jankari , ek jaroori blog.
    Udan Tashtari said...
    सही है!
    श्यामल सुमन said...
    सपना को अपना बनाने के लिए आपने उपयोगी जानकारी दी है।
    Karan Nishad said...
    bahut hi achhi janakari Free Help Tips

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